हिंदी कैलेंडर जुलाई 2025 [आषाढ – श्रावण] 2080 , विक्रम सम्वत

|| जुलाई महीने का कैलेंडर 2025 | July calendar in Hindi 2025 | July 2025 ka calendar | July calendar 2025 | July 2025 festivals list in Hindi | 2025 हरियाली अमावस्या कब है? | Hariyali amavasya 2025 | जुलाई में ऐसा क्या खास है? ||

July calendar in Hindi 2025 :- पूरे वर्ष में जुलाई का महीना एक ऐसा महीना होता है जिसका सभी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे होते हैं। वह इसलिए क्योंकि पिछले 3 से 4 महीने भीषण गर्मियों के होते हैं और सभी लोग गर्मी से बेहाल हो चुके होते हैं और फिर आता है जुलाई का (July calendar 2025) महीना। इस महीने में बादलों का बोलबाला रहता है और वे पूरे भारतवर्ष में अपनी छटा बिखेरते हैं और बारिश करते हैं। कहने का मतलब यह हुआ कि जुलाई का महीना आते ही बारिश शुरू हो जाती है और सावन का महीना आ जाता है।

अब यह महीना वैसे तो सभी को बहुत पसंद आता है और बारिश के कारण हर जगह सुहावना मौसम हो जाता है लेकिन कुछ लोग हैं जो इस महीने से बहुत ज्यादा निराश होते हैं और वे होते हैं स्कूल में पढ़ने वाले (July 2025 ka calendar) बच्चे। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों तो हम आपको बता दें कि जुलाई के महीने से सभी बच्चों के स्कूल शुरू हो जाते हैं और उनकी छुट्टियों का अंत हो जाता है। अब जिसकी छुट्टियाँ ख़त्म हो रही हो और फिर से पढ़ने जाना हो, उसे वह महीना क्यों ही पसंद आएगा भला।

किंतु इन सब चीज़ों के बीच कुछ चीज़ें ऐसी होती है जो सभी को आनंद देती है और वे होते हैं त्यौहार तथा विशेष दिन जिन्हें हम पूरे आनंद के साथ एक दूसरे के साथ मिल कर मनाते हैं। तो जुलाई के महीने में भी कई तरह के त्यौहार आते हैं जो हर जगह खुशियों का वातावरण बना देते (July 2025 ka Hindu calendar) हैं। ऐसे में अवश्य ही आपको भी यह जानने की जिज्ञासा हो रही होगी कि आखिरकार जुलाई के महीने में कौन कौन से त्यौहार आते हैं, तो आइए आज हम आपको इसी के बारे में ही बताने वाले हैं।

जुलाई महीने का कैलेंडर 2025 (July calendar in Hindi 2025)

अब यह तो सभी जानते हैं कि जुलाई का महीना बारिश का महीना होता है और इस महीने की पहचान एक और चीज़ की वजह से होती है और वह पहचान है शिव जी से। जुलाई के महीने में भगवान शिव के भक्त बहुत प्रसन्न होते हैं और झूम झूम कर इसकी खुशियाँ बनाते (July 2025 Hindu calendar) हैं। इस महीने देश के हर कोने से कांवड़ यात्रा शुरू हो जाती है और सभी लोग शिव मंदिर पैदल चल कर और कांवड़ उठा कर चलते हैं और भगवान शिव का गुणगान करते हैं।

हिंदी कैलेंडर जुलाई 2025 [आषाढ - श्रावण] 2080 , विक्रम सम्वत

इसी के साथ साथ कुछ अन्य ऐसे त्यौहार या विशेष पर्व आते हैं जो हर किसी के जीवन में बहुत महत्ता रखते हैं। यह किसी धर्म या जाति से जुड़े नहीं होते हैं बल्कि यह रिश्तों से जुड़े हुए पर्व होते हैं और उसे हम सभी गुरु पूर्णिमा के नाम से जानते हैं। इस दिन सभी लोगों को अपने गुरु को याद कर उन्हें प्रणाम करना होता है और उनके प्रति अपना सम्मान दिखाना होता (July 2025 festivals list in Hindi) है। तो आइए जाने जुलाई के महीने में कौन कौन से त्यौहार पड़ते हैं और उन्हें किस किस तरह से मनाया जाता है।

तिथिवारत्यौहार
1 जुलाईशनिवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)
3 जुलाईसोमवारगुरु-पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत
6 जुलाईगुरुवारसंकष्टी चतुर्थी
7 जुलाईशुक्रवारनाग पंचमी (मरू व ब.)
13 जुलाईगुरुवारकामिका एकादशी
14 जुलाईशुक्रवारप्रदोष व्रत (कृष्ण)
15 जुलाईशनिवारमासिक शिवरात्रि
16 जुलाईरविवारकर्क संक्रांति
17 जुलाईसोमवारहरियाली अमावस्या
29 जुलाईशनिवारकमला एकादशी व्रत, मुहर्रम
30 जुलाईरविवारप्रदोष व्रत (शुक्ल)

इस तरह से आपने जाना कि जुलाई के महीने में कितने त्यौहार, पर्व, विशेष दिन तथा अन्य उत्सव आते हैं जिनका हर किसी के जीवन में अहम रोल होता है। हर कोई इन दिनों को बहुत ही आनंद और हर्ष के साथ मनाता है और बहुत खुश रहता है। इन त्यौहारों को ना केवल घरों में बल्कि अपने विद्यालय में और सडकों पर हर जगह मनाया जाता (July 2025 holiday list in Hindi) है।

वहीं कुछ त्यौहारों का महत्व अलग है और उस दिन मातम का दिन होता है और लोग अपने आप को मारते हैं और रोते हैं। ऐसे में हम आपके सामने जुलाई के महीने में जो जो मुख्य त्यौहार मनाये जाते हैं, उनके बारे में अलग से भी कुछ वर्णन पेश करेंगे ताकि आपको इसके बारे में सही से जानकारी मिल जाए।

2025 गुरु पूर्णिमा कब है? (Guru purnima 2025)

आज के समय में हम अपने गुरु को पता नहीं क्या क्या बोलते हैं। कोई उन्हें मैडम बोलता है तो कोई सर बोलता है तो कोई अन्य किसी नाम से बोलता है लेकिन पहले ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता था। पहले उन्हें गुरु ही बोला जाता था और उन्हें पूरा सम्मान दिया जाता था। वे जो कहते थे वही पत्थर की लकीर होता था और गुरु भी अपने शिष्यों के बारे में सब कुछ जानता था और उन्हें संपूर्ण ज्ञान होता था। एक तरह से कहा जाए तो गुरु अपने शिष्यों के लिए अंतर्यामी होता था जो शिष्य को बहुत कुछ सिखाता था।

तो उसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए ही यह गुरु पूर्णिमा का पर्व हर वर्ष मनाया जाता है और इस दिन को अपने गुरु की पूजा की जाती है। इसी दिन महर्षि वेदव्यास जी का भी जन्म हुआ था जिन्हें महाभारत का रचियता कहा जाता है। तो इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का त्यौहार 3 जुलाई को पड़ रहा है जिस दिन आपको अपने गुरु की प्रार्थना करनी होगी।

2025 हरियाली अमावस्या कब है? (Hariyali amavasya 2025)

जैसा की हमने आपको पहले ही बताया कि जुलाई का महीना शिव शम्भू का महीना होता है और इसी को ही सावन का महीना भी कहा जाता है। अब वैसे तो कहने को इस महीने के कई अन्य नाम भी हैं जैसे कि हरियाली का महीना, श्रावण का महीना, शिव शम्भू का महीना इत्यादि। यह सब नाम इसलिए रखे गए हैं क्योंकि यह सभी नाम ही भगवान शिव से संबंधित होते हैं और इस महीने का सभी शिव भक्तों के लिए बहुत ही ज्यादा महत्व होता है।

यदि आप देखेंगे तो पाएंगे कि इस महीने में सभी लोग कांवड़ लेकर शिव मंदिर की यात्रा करते हैं और वे लोग समूह में चलते हैं और भजन कीर्तन करते हैं। यह एक उत्सव की तरह ही होता है जिसका सभी के लिए बहुत ही ज्यादा महत्व होता है। इसी महीने में ही हरियाली अमावस्या भी आती है जिसे हम सावन महीने की अमावस्या भी कह देते हैं। तो इस बार की हरियाली अमावस्या 17 जुलाई को पड़ रही है जो कि सभी शिव भक्तों के लिए बहुत ही खास रहने वाली है।

2025 मुहर्रम कब है? (Muharram 2025 date)

इस्लाम धर्म में ईद के अलावा भी कई तरह के त्यौहार मनाये जाते हैं जिनमें एक मुहर्रम भी है लेकिन यह उनके लिए एक त्यौहार ना होकर मातम का दिन होता है। कहने का मतलब यह हुआ कि यह उनके लिए एक बड़ा दिन तो होता है लेकिन यह उनके लिए खुशी का दिन नहीं बल्कि मातम का दिन होता है। इस दिन सभी ऐसे लोग जो इस्लाम मजहब को मानते हैं वे बहुत ही निराश हो जाते हैं और उनके घरों में मातम छा जाता है। हर जगह उदासी छाई रहती है और सभी अपने आप को मारने पीटने लगते हैं।

अब यदि आप यह पढ़ कर हैरान हो गए हैं कि आखिरकार यह दिन मातम का दिन क्यों होता है तो आज हम आपको बता दें कि मुहर्रम वाले दिन इस्लाम मजहब के संस्थापक और लोगों को अल्लाह की आसमानी किताब पढ़ कर बताने वाले हजरत मोहम्मद साहब के नवासे साहब हजरत इमाम हुसैन की लड़ते हुए मौत हो गयी थी और उनके साथ 72 और मुसलमान मारे गए थे। इसलिए इस दिन को मुस्लिम लोग मातम के रूप में मनाते हैं।

इस दिन सभी मुस्लिम सडकों पर निकल कर अपने आप पर कोड़े बरसाते हैं, अपने शरीर को जगह जगह से छलनी कर लेते हैं और जोर जोर से चिल्ला चिल्ला कर रोते हैं। सभी सड़कें उनके शरीर से निकल रहे खून से भर जाती है और हर कोई यह देख कर उदास हो जाता है।

इस तरह से आज के इस लेख के माध्यम से आप यह जान पाने में सक्षम हुए हैं कि जुलाई के महीने में कौन कौन सा त्यौहार पड़ रहा है और उस दिन का क्या कुछ महत्व होता है। साथ ही आपने यह भी जाना कि कौन कौन से विशेष दिन जुलाई के महीने में पड़ते हैं और उन्हें कब व क्यों मनाया जाता है।

2025 जुलाई महीने में विवाह की तारीखें

9 जुलाई 2025 रविवार14 जुलाई 2025 शुक्रवार

कर्णवेध मुहूर्त 2025: जुलाई

तिथिदिनमुहूर्त
01 जुलाई 2025शनिवार07:20-09:20, 11:50-16:20
05 जुलाई 2025बुधवार07:00-13:40 , 16:20-18:20
05 जुलाई 2025बुधवार06:40-08:50, 11:20-18:00
15 जुलाई 2025शनिवार06:20-15:20, 17:50-19:50

अन्नप्राशन मुहूर्त 2025: जुलाई

तिथिदिनमुहूर्त का समय
05 जुलाई 2025बुधवार07.00 -13:40, 16:15-22:00
07 जुलाई 2025शुक्रवार09:15-15.40, 18:30-22:00
14 जुलाई 2025शुक्रवार20.00 -21:30

जुलाई महीने का कैलेंडर – Related FAQs

प्रश्न: जुलाई 2025 को क्या है?

उत्तर: जुलाई 2025 एक महीना है जिसमें कई तरह के त्यौहार, उत्सव व विशेष दिन पड़ते हैं। साथ ही इस महीने को सावन का महीना भी कहा जाता है जो सभी शिव भक्तों को बहुत ही ज्यादा प्रिय होता है।

प्रश्न: 9 मई 2013 को कौन सी तिथि थी?

उत्तर: 9 मई 2013 खुद एक तिथि है। इसलिए कृपा अपने प्रश्न को सही तरीके से पूछें ताकि हम उसका उत्तर दे सकें।

प्रश्न: जुलाई के महीने में क्या आता है?

उत्तर: जुलाई के महीने में कई तरह के त्यौहार आते हैं जैसे कि इस महीने में कांवड़ यात्रा शुरू होती है जिसे सभी शिव भक्त बहुत ही धूमधाम के साथ मनाते हैं तो वहीं दूसरी ओर मुहर्रम का त्यौहार भी आता है जिस दिन सभी मुस्लिम मजहब में लोग मातम में डूब जाते हैं।

प्रश्न: जुलाई में ऐसा क्या खास है?

उत्तर: जुलाई महीना इसलिए खास होता है क्योंकि इस महीने में शिव जी की कृपा अपने भक्तों पर बरसती है और सभी शिव भक्त बहुत ही आनंद के साथ उनकी पूजा करते हैं।

लविश बंसल
लविश बंसल
लविश बंसल वर्ष 2010 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और वहां से वर्ष 2014 में बीटेक की डिग्री ली। शुरुआत से ही इन्हें वाद विवाद प्रतियोगिता में भाग लेना या इससे संबंधित क्षेत्रों में भाग लेना अच्छा लगता था। इसलिए ये काफी समय से लेखन कार्य कर रहें हैं। इनके लेख की विशेषता में लेख की योजना बनाना, ग्राफ़िक्स का कंटेंट देखना, विडियो की स्क्रिप्ट लिखना, तरह तरह के विषयों पर लेख लिखना, सोशल मीडिया कंटेंट लिखना इत्यादि शामिल है।
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