|| हिंदी कैलेंडर मई 2025 [वैशाख – ज्येष्ठ] 2080 , विक्रम सम्वत | May calendar in Hindi 2025 | | 2025 में मजदूर दिवस कब है? (Majdur diwas 2025 | May 2025 ka Hindu calendar ||
May calendar in Hindi 2025 :- मई का महीना ऐसा होता है जो स्कूल में पढ़ रहे छात्रों के लिए बहुत ही आनंद वाला महीना कहलाया जाता है। वह इसलिए क्योंकि इस महीने में अधिकांश बच्चे अपने स्कूल की छुट्टियों का आनंद उठा रहे होते हैं और उनकी कक्षाएं समाप्त हो जाती (May calendar 2025) है। एक तरह से इस महीने में उनकी गर्मियों की छुट्टियाँ चालू हो चुकी होती है या चालू होने ही वाली होती है। ऐसे में इस महीने में जो भी त्यौहार पड़ते हैं उन्हें वे बहुत ही आनंद के साथ मनाते हैं और उनके माता पिता यहाँ वहां घूमने जाने का भी प्लान कर रहे होते हैं।
मई के महीने में ना केवल त्यौहार पड़ते हैं बल्कि कई महापुरुषों की जयंती या बलिदान दिवस भी पड़ते हैं, इसी के साथ ही राष्ट्रीय महत्व के कई दिनों को भी इस महीने में आयोजित किया जाता है। इसी कारण से मई महीने का प्रचलन हर महीने की अपेक्षा में बढ़ जाता है और हर कोई इन दिनों के लिए स्पेशल तैयारी करके रखता (May 2025 ka Hindu calendar) है। ऐसे में आपके मन में भी मई महीने को लेकर तरह तरह की जिज्ञासाएं उठ रही होंगी और आप इसके बारे में जानना चाहते होंगे।
ऐसे में आज के इस लेख में हम आपके साथ मई महीने का पूरा कैलेंडर शेयर करने वाले हैं जिसे पढ़ कर आपको यह पता चल सकेगा कि आखिरकार मई के महीने में किस किस तरह के त्यौहार, व्रत, जयंती, विशेष दिवस पड़ रहे हैं और उन्हें आप किस तरह से सेलिब्रेट कर सकते (May 2025 Hindu calendar) हैं।
मई महीने का कैलेंडर 2025 (May calendar in Hindi 2025)
जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया की मई का महीना शुरू होते ही कई तरह के विशेष दिवस व त्यौहार पड़ रहे हैं तो उसकी शुरुआत एक तारीख से ही हो जाती है अर्थात 1 मई को ही त्यौहार भी पड़ रहा है और एक विशेष दिवस भी जिसके ऊपर हमारा जीवन निर्भर करता (May 2025 ka calendar) है। अब आप और हम जिस भी जगह रह रहे हैं या जिन चीज़ों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह सब हमारे यहाँ के मजदूरों के द्वारा ही निर्मित की जाती है तो उनके दिन को सेलिब्रेट करने वाला दिन भी 1 मई को ही पड़ रहा है।
इसी तरह से एक मई को हिंदू धर्म से संबंधित भी एक मुख्य त्यौहार पड़ रहा है। अब जिस महीने की शुरुआत ही त्यौहार व विशेष दिन से हो तो सोचिये वह महीना कितना ही शानदार रहने वाला है और उस महीने में किस किस तरह के त्यौहार पड़ रहे होंगे। आइए जाने मई के महीने में किस दिन कौन सा त्यौहार व विशेष दिन पड़ने जा रहा है।
तिथि | वार | त्यौहार |
1 मई | सोमवार | मोहिनी एकादशी, मजदूर दिवस |
3 मई | बुधवार | प्रदोष व्रत (शुक्ल) |
4 मई | गुरुवार | नृसिंह जयंती |
5 मई | शुक्रवार | वैशाख पूर्णिमा व्रत, बुद्ध पूर्णिमा |
8 मई | सोमवार | संकष्टी चतुर्थी |
12 मई | शुक्रवार | कालाष्टमी |
15 मई | सोमवार | अपरा एकादशी, वृष संक्रांति |
17 मई | बुधवार | मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण) |
19 मई | शुक्रवार | वट सावित्री व्रत, ज्येष्ठ अमावस्या |
22 मई | सोमवार | महाराणा प्रताप जयंती |
23 मई | मंगलवार | गुरु अर्जुन देव बलिदान दिवस |
30 मई | मंगलवार | गंगा दशहरा |
31 मई | बुधवार | निर्जला एकादशी |
ऊपर का कैलेंडर पढ़ कर आपको यह भलीभांति पता चल गया होगा कि मई का महीना कितना ही शानदार रहने वाला है क्योंकि इस महीने में कई मुख्य उत्सव, पर्व, त्यौहार, आयोजन, विशेष दिन, जयंती, बलिदान दिवस इत्यादि पड़ रहे हैं जिनका राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, धर्म, जाति विशेष में अत्यधिक महत्व होता है। इन्हें हर किसी के द्वारा सेलिब्रेट किया जाता है और हर जगह इसी को लेकर ही उत्साह व उमंग दिखाई देता है।

सीधे शब्दों में कहा जाए तो मई का महीना अपने साथ कई तरह के आयोजन लेकर आ रहा होता है जो सभी के लिए ही बहुत ज्यादा महत्व रखते हैं। यदि हम इन दोनों को सभी के साथ मिल कर मनाते हैं तो बहुत ही ज्यादा खुशियाँ जीवन में आ जाती है और आपसी सहयोग व प्रेम भी बढ़ता है। अब आपको यह भी जान लेना चाहिए कि मई के महीने में ऐसे कौन कौन से त्यौहार या पर्व हैं जो विशेष महत्व के हैं और उन्हें क्यों मनाया जाता है इत्यादि।
2025 में मजदूर दिवस कब है? (Majdur diwas 2025)
हमारे जीवन में मजदूरों का महत्व बहुत ज्यादा है क्योंकि यदि वे ही नहीं होंगे तो हमारे लिए घर, दुकान, कार्यालय, अन्य आवश्यक वस्तुओं इत्यादि का निर्माण कौन ही करेगा। अब यदि यही चीज़ें नहीं होंगी तो हम रहेंगे कहां, खायेंगे क्या और बाकि सब काम कैसे करेंगे। जिस प्रकार से हमारे जीवन में किसानों की बहुत बड़ी भूमिका होती है और वे हमारे जीवित रहने के लिए खेती करते हैं और उस पर अन्न उगाते हैं, ठीक उसी तरह मजदूर की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है क्योंकि वे हमारे रहने के लिए घरों का निर्माण करते हैं।
ऐसे में भारत सरकार के द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर उनकी महत्ता को दिखाने और उनके लिए एक पर्व आयोजित करने की दिशा में मजदूर दिवस का आयोजन किया जाता है जिसकी तारीख 1 मई रखी गयी है। इसी दिन को ही हर तरफ मजदूर दिवस का आयोजन किया जाता है। आपको भी देश के मजदूरों के प्रति अपना आभार जताने के लिए इस दिन को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाना चाहिए और सभी मजदूरों में कुछ ना कुछ बांटना चाहिए।
2025 बुद्ध पूर्णिमा कब है? (Buddha purnima 2025)
अब यदि आप बुद्ध पूर्णिमा की बात करें जिस दिन बुद्ध भगवान का जन्म हुआ था जिन्होंने हिंदू धर्म के कुछ अनुयायियों को काट कर बुद्ध धर्म की स्थापना कर दी थी। वे हिंदू धर्म में मूर्ति पूजा के खिलाफ थे और इसके लिए ही उन्होंने बुद्ध धर्म की स्थापना की थी लेकिन अब बुद्ध धर्म के अनुयायी महात्मा बुद्ध की मूर्ति बनाकर उसी की ही पूजा करते हैं। महात्मा बुद्ध के बाद भारत के महान राजा चन्द्रगुप्त मौर्य के पोते सम्राट अशोक ने बुद्ध धर्म को अपना लिया था तथा भारत के चारों कोनो में बुद्ध धर्म का जमकर प्रचार प्रसार किया था।
उसी के कारण ही भारत के कई क्षेत्रों सहित पड़ोसी देशों में बुद्ध धर्म फैल गया जिसमे म्यांमार, तिब्बत, चीन, श्री लंका, भूटान इत्यादि शामिल है। तो वहां के सभी लोग तथा भारत में रहने वाले बुद्ध धर्म के अनुयायी भी मई महीने की 5 तारीख को बुद्ध पूर्णिमा अर्थात बुद्ध जयंती का पर्व मनाते हैं। इस दिन भगवान बुद्ध की प्रार्थना की जाती है और उनसे मानव जीवन को उत्कृष्ट बनाने की कामना की जाती है।
2025 महाराणा प्रताप जयंती कब है? (Maharana pratap jayanti 2025 kab hai)
एक समय था जब देश में हमारे राजाओं का शासन हुआ करता था और भारत के अंतिम हिंदू हृदय सम्राट महाराज पृथ्वी राज चौहान थे लेकिन हमारे देश के ही कुछ कपटी राजाओं ने मुगल आक्रांताओं का साथ दिया और देश के साथ गद्दारी की जिसमें जयचंद का नाम प्रमुख है। उसके बाद से भारत देश अफगान व मुगल आक्रांताओं के अधीन हो गया और देश इस्लामीकरण होने लगा। यह गुलामी सैकड़ों वर्षों तक जारी रही और इस दौरान देश में करोड़ों हिंदुओं, बुद्ध, जैन व सिख धर्म के अनुयायियों की बेरहमी से हत्या कर दी गयी या उनका धर्म परिवर्तन करवा दिया गया।
किंतु उस समय भी भारत की माटी में कई ऐसे लाल जन्मे जिन्होंने मुगलों के दांत खट्टे कर दिए थे और हिंदू धर्म की रक्षा की थी जिसमें से एक नाम वीर महाराणा प्रताप जी का था जो राजस्थान की माटी में जन्मे थे और उन्होंने दिल्ली की सत्ता पर बैठे दुष्ट व पापी अकबर के दांत खट्टे कर दिए थे। उन्हीं महाराणा प्रताप जी का जन्म 22 मई को हुआ था और इसी दिन उनकी जयंती को मनाया जाता है।
2025 गुरु अर्जुन देव बलिदान दिवस कब है? (Guru Arjun Dev shaheedi diwas 2025 kab hai)
मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध हिंदू राजा, महाराजा, क्रांतिकारी व आचार्य तो लड़ ही रहे थे लेकिन उनके साथ सिखों के गुरु भी बहुत लड़े थे और इसी क्रम में उनकी हत्या भी करवा दी गयी थी जिसमें से एक गुरु अर्जुन देव भी थे। सिखों के दस गुरुओं में से एक गुरु गुरु अर्जुन देव भी थे जिन्होंने सिख धर्म के प्रचार प्रसार तथा मुगलों के विरुद्ध लड़ाई लड़ने में अहम योगदान दिया था। उनकी यही लड़ाई भारत की सत्ता पर बैठे दुष्ट आक्रांता जहाँगीर को रास नहीं आई और उस पापी ने गुरु अर्जुन देव की हत्या करवा दी थी।
उस समय पाकिस्तान भारत का ही अभिन्न अंग था और जहांगीर ने पाकिस्तान के लाहौर में गुरु अर्जुन देव को गर्म तवे पर बैठा दिया था और उनके ऊपर गर्म तेल व गर्म रेत डाल कर उनका शरीर धीरे धीरे जला दिया था। उसके बाद इतनी यातनाएं सहते हुए जब गुरु अर्जुन देव मरने की स्थिति में पहुँच गए और बेहोश हो गए तब उनके शरीर को रावी नदी में बहा दिया गया था। उसी दिन को गुरु अर्जुन देव बलिदान दिवस के रूप में 23 मई को मनाया जाता है।
2025 गंगा दशहरा कब है? (Ganga dussehra 2025 kab hai)
माँ गंगा को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी माना जाता है और इसमें नहाने मात्र से मनुष्य के सभी तरह के पाप धुल जाते हैं और वह मोक्ष प्राप्त करता है। एक तरह से जो व्यक्ति मर जाता है तब उसके पार्थिव शरीर का अग्नि संस्कार करके उसे गंगा नदी में ही बहाया जाता है ताकि उसकी आत्मा को मुक्ति मिल सके। तो ऐसे में हम सभी के द्वारा गंगा दशहरा पर्व भी आयोजित किया जाता है जो इस बार मई महीने की 30 तारीख को पड़ रहा है।
हिंदी कैलेंडर मई 2025 [वैशाख – ज्येष्ठ] 2080 , विक्रम सम्वत
विभिन्न कार्यों को करने के लिए आपको समय समय का कैलेंडर देखने की आवश्यकता पड़ती है । इसलिए यहां पर आपको मई महीने का कैलेंडर और इस महीने में पड़ने वाले सभी व्रत त्यौहार और शुभ मुहूर्त की जानकारी यहां पर दी जा रही है । जिसका उपयोग आप अपनी आवश्यकतानुसार कर सकते हैं ।

हिंदी कैलेंडर 2025 एप डाउनलोड करें?
यदि आप इंटरनेट पर प्रतिदिन सर्च नहीं करना चाहते हैं तो आपको अपने मोबाइल में हिंदी कैलेंडर डाउनलोड करके रखना चाहिए ताकि आप जब चाहे इसका उपयोग कर सके । हिंदी कैलेंडर 2025 डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए डाउनलोड बटन पर क्लिक करें ।
2025 मई महीने में विवाह की तारीखें
2 मई 2025 मंगलवार | 3 मई 2025 बुधवार |
6 मई 2025 शनिवार | 7 मई 2025 रविवार |
8 मई 2025 सोमवार | 9 मई 2025 मंगलवार |
10 मई 2025 बुधवार | 11 मई 2025 गुरुवार |
15 मई 2025 सोमवार | 16 मई 2025 मंगलवार |
20 मई 2025 शनिवार | 21 मई 2025 रविवार |
22 मई 2025 सोमवार | 29 मई 2025 सोमवार |
तिथि | दिन | मुहूर्त का समय |
03 मई 2025 | बुधवार | 07.00 -08:40, 11:15 -17:50 |
12 मई 2025 | शुक्रवार | 06:25-08:10 |
17 मई 2025 | बुधवार | 06:15-14:30, 17:10-22:50 |
22 मई 2025 | सोमवार | 07:45-09:25 |
24 मई 2025 | बुधवार | 07:30-11.40, 14:30-21:00 |
29 मई 2025 | सोमवार | 14.00 -16:10, 18:50-22:40 |
शुभ मुंडन मुहूर्त 2025
मई 2025 | आरंभ काल | समाप्ति काल |
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शुक्रवार, 05 मई | 05:37:35 | 21:39:56 |
सोमवार, 08 मई | 05:35:17 | 18:20:51 |
गुरुवार, 11 मई | 14:37:29 | 29:33:11 |
बुधवार, 17 मई | 07:39:00 | 22:30:08 |
सोमवार, 22 मई | 05:26:58 | 10:36:59 |
बुधवार, 24 मई | 05:26:08 | 27:02:21 |
बुधवार, 31 मई | 06:00:25 | 13:47:29 |
मई महीने का कैलेंडर – Related FAQs
प्रश्न: 2025 में मई सातम कब है?
उत्तर: 2025 में मई सातम 12 व 26 को है।
प्रश्न: 2025 में 13 महीना कौन सा पड़ेगा?
उत्तर: 2025 में 13 महीना मलमास का पड़ेगा।
प्रश्न: 2025 में संतान सप्तमी कब है?
उत्तर: 2025 में संतान सप्तमी 22 सितंबर को है।
उत्तर: 2025 में हिंदू नव वर्ष 22 मार्च को आएगा।
इस तरह से आज के इस लेख के माध्यम से आपने मई महीने में पड़ने वाले सभी तरह के प्रमुख आयोजनों के बारे में संपूर्ण जानकारी ले ली है और यह भी जान लिया है कि आपको किस दिन कौन सा त्यौहार सेलिब्रेट करना है और उन्हें मनाने के पीछे का क्या उद्देश्य होता है इत्यादि।