साधु पेंशन योजना – एक ऐतिहासिक कदम | UP Sadhu Pension Yojana 2025

भारत एक ऐसा देश है जो दुनिया भर में अपने रीती रिवाज़, कर्म कांड ,आध्यात्म के लिए प्रख्यात है |और इन सभी कार्यों की जिम्मेदारी साधु वर्ग ने उठाई हुई है | बीते कई वर्षों में सरकारें आई और गयी पर किसी ने भी इस वर्ग के बारे में नही सोचा | यह पहली बार है किसी सरकार ने इस वर्ग के लोगों के लिए UP Sadhu Pension Yojana 2025 लागू की हो |

साधु पेंशन योजना – एक ऐतिहासिक कदम | UP Sadhu Pension Yojana 2019

उत्तर प्रदेश में 75 जिले हैं और इन जिलों में लगभग 9 से 10 लाख साधु रहते है | चूँकि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज में आयोजित कुम्भ और वाराणसी के मंदिरों एवं घटों में घटित होने वाले सभी कार्य साधु वर्ग ही देखता है | समाज में इतना जरुरी कार्यभार सँभालने के बावजूद इनका जीवन बहुत कठिनाइयों से गुजरता है | चूँकि ये समाज का एक आवश्यक वर्ग है इसलिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इनकी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है |

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बीते प्रवाशी दिवस के अवसर पर वाराणसी में ये ऐलान किया है कि अब पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों को हर महीने मिलने वाली 400 रूपए की पेंशन को बढ़ा कर 500 किया जाएगा | और इस बार इस योजना में साधु वर्ग को भी शामिल किया जाएगा | जिसका अर्थ ये हुआ की अब उत्तर प्रदेश में रहने वाले हर साधु को हर माह 500 रूपए का पेंशन उनका जीवन सुलभ तरीके से व्यापन कर्म के लिए सरकार की तरफ से मिलेगा | इस ऐलान के बाद पूरे साधु वर्ग के लोगो में ख़ुशी एवं उल्लास का माहौल है |

योजना साधु पेंशन योजना
लाभार्थी उत्तर प्रदेश के साधु
लाभ राशि 500 रूपये माह
विभाग समाज कल्याण विभाग
प्रक्रिया ऑनलाइन , ऑफलाइन

आखिर क्यों जरूरी है UP Sadhu Pension Yojana –

भारत में लगभग 5 मिलियन साधु हैं, जिनमें से 9 से 10 लाख साधु अकेले उत्तर प्रदेश में जीवन व्यापन कर रहे हैं | उत्तर प्रदेश सरकार ने इस तथ्य को महसूस किया है कि यह समुदाय एकमात्र ऐसा समुदाय था जो किसी भी सरकारी योजना से लाभ प्राप्त नहीं कर रहा था, इसलिए उन्होंने उत्तर प्रदेश साधु पेंशन योजना  शुरू की |

UP Sadhu Pension Yojana 2021 के तहत लाभ –

हर धर्म के साधु संत होते है चाहे वो हिन्दू धर्म हो,मुस्लिम धर्म हो या कोई ओर वे सब एक ही कार्य करते है और एक ही जैसी परेशानी का भी सामनाकर रहे है | इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के अनुसार हर धर्म और जाती के साधुओं को UP Sadhu Pension Yojana 2025 का लाभ मिल सकेगा |

चूँकि ये योजना पेंशन योजना के अंतर्गत आती है इसलिए सिर्फ बुजुर्ग साधुओं के लिए ये लागु होता है क्योंकि सबसे ज्यादा कठिनाई भरी ज़िन्दगी | इन्ही की होती है |

60 वर्ष से अधिक आयु वाले किसी भी साधु को उनकी आजीविका के लिए 500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे | इस तथ्य पर विचार करते हुए कि अधिकांश साधु खानाबदोश हैं और UP Sadhu Pension Yojana 2019 के लाभ प्राप्त करने के लिए पर्याप्त कागजात नहीं हैं ,इसके लिए यू पी सरकार ने भी दस्तावेजों को तैयार करने में साधुओं की मदद करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर बनाए हैं |

एक बार जब प्रत्येक दस्तावेज तैयार हो जाएगा | और प्रस्तुत किया जाएगा | तब वे इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं|
शिविर 30 जनवरी 2019 तक स्थापित किए जाएंगे ताकि संत जल्द से जल्द इस योजना का लाभ उठा सकें | सरकार का मानना है कि गहरे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक संत को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ उठाने में सक्षम होना चाहिए | यह अनुमान लगाया गया है कि लगभग 9 से 10 लाख संत इस योजना का लाभ उठा सकेंगे और इनकी जीवन शैली में भी काफी सुधार आएगा |

ऑफिसियल वेबसाइट – https://sspy-up.gov.in/index.aspx

उत्तर प्रदेश पेंशन योजना में वृद्धि –

UP राज्य सरकार ने विभिन्न पेंशन योजनाएं शुरू की हैं | वृद्धावस्था, विधवाओं, विकलांगों और अब साधुओं के लिए पेंशन योजना 20 जनवरी 2019 से शुरू की गई है |

उपर्युक्त सभी योजनाओं में इस राज्य की सरकार प्रतिमाह पेंशन की राशि 400 रुपये प्रति माह प्रदान करती है | अब UP सरकार पेंशन के बारे में 500 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जो उपर्युक्त पेंशन योजनाओं के सभी अधिकारियों के लिए है |यह राज्य में वृद्ध लोगों की आजीविका में सुधार के लिए किया गया है |

UP Sadhu Pension Yojana 2025 के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज –

आधार कार्ड / नंबर या कोई अन्य आईडी प्रूफ वोटर कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / राशन कार्ड-,इन सभी पहचान पत्रो में से कोई भी एक पहचान पत्र इस्तेमाल किया जा सकता है | जिससे इस योजना का लाभ लेने वाला साधु ये साबित कर सके की वो उत्तर प्रदेश का निवासी है | और उस की उम्र 60 वर्ष से ऊपर है | सरकार ने ये भी ध्यान में रखा की खानाबदोश और गाँवो के भीतरी में रहने वाले भी कुछ ऐसे साधु होंगे जिनके पास ये भी नही होगा | इसलिए प्रत्येक गांव में सरकार द्वारा शिविर लगवाए जा रहे हैं जिससे कोई भी साधु इस योजना का लाभ उठाने में पीछे ना रहे |

आय प्रमाण पत्र – UP Sadhu Pension Yojana 2025 का लाभ उठाने वाले साधुओं को अपना आय प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा | जिस से उनकी आम दनी स्रोत के बारे में पता चल सके और ये भी पता चल सके की क्या उन्हें वास्तव में पेंशन की ज़रूरत है या नही |

बैंक अकाउंट – इस योजना का लाभ लेने वाले हर साधु के पास उस का बैंक अकाउंट होना चाहिए | जिसमें हर महीने पेंशन की राशि आया करेगी | और वो बैंक द्वारा खुद निकाल सकेगा | सरकार द्वारा लगाए जा रहे शिविरों में जाकर बैंक अकाउंट खुलवाया जा सकता है |इससे हर साधु का पैसा बिना किसी दूसरे व्यक्ति के मदद से सीधे साधु को मिल सकेगा | जिससे भ्रष्टाचार होने की संभावनाएं शून्य रहेंगी |

सरकार के इस कदम से साधु वर्ग के लोग जो खाना बदोशों वाली ज़िन्दगी व्यतीत कर रहे है | वो भी अपना पहचान पत्र और बैंक अकाउंट प्राप्त कर सकेंगे | और अपनी जीवन शैली में काफी बदलाव ला कर उसे बेहतर बना सकेंगे |

UP Sadhu Pension Yojana 2025 की पात्रता मापदंड –

यह योजना केवल संतों के लिए है – पहले से ये योजना बुजुर्गो, विधवाओं एवं विकलांग लोगो के लिए है, सरकार ने इसमें संत वर्ग को भी जोड़ दिया |इसलिए इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके संत होने का प्रमाण ज़रूरी है |

केवल उत्तर प्रदेश के संत इस योजना के लिए पात्र हैं – चूँकि ये योजना मुख्य मंत्री योगी | आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में लागू की है इसलिए केवल उत्तर प्रदेश के ही संत इस योजना का लाभ उठा सकेंगे |आपको अपना कोई प्रमाण पत्र इसलिए जमा करना है जिससे ये साबित हो सके की आप उत्तर प्रदेश के ही साधु है किसी और राज्य के नहीं |

इस योजना का लाभ लेने के लिए न्यूनतम आयु 60 वर्ष है – सरकार की नज़र में बुजुर्ग 60 वर्ष के ऊपर के लोग होते है जो अब कोई कार्य नहीं कर सकते और ये उनकी रिटायरमेंट की उम्र मानी जाती है इसलिए इस योजना का लाभ भी 60 वर्ष से ऊपर वाले संतो को ही मिलेगा | जिसे साबित करने के लिए आप को प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे |

UP Sadhu Pension Yojana 2025 –

इस योजना के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है जो सरकार द्वारा भी बनाए जाएंगे |
तो इन सारी जानकारियों के बाद हम ये निष्कर्ष निकाल सकते है कि साधु वर्ग के लिए उठाया गया ये कदम बिलकुल ही पर्याप्त है | क्योंकि ये वर्ग हमारे संस्कृति एवं रीती रिवाजो की रक्षा करता है | परंतु एक उम्र के बाद जब ये अपना कार्य नही कर सकते तो पैसो की कमी से इन्हें कई सारी मुश्किलो का सामना करना पड़ता है | उत्तर प्रदेश सरकार का ये कदम वा कई ऐतिहासिक और काबिले तारीफ़ है क्योंकि इससे पहले कितनी सरकारें आई और गई परंतु इस वर्ग का ख्याल पहली बार किसी ने किया |अब संतो को बुढ़ापे में अपना जीवनयापन करने के लिए यातनाए या भीख नहीं लेनी पड़ेंगी | और वो भी एक सम्मान पूर्ण ज़िन्दगी | व्यतीत करपाने में सफल होंगे |

Sadhu Yojana Related FAQ

साधु पेंशन योजना क्या है?

साधु पेंशन योजना उत्तर प्रदेश के वृद्ध साधुओं की सुविधा के लिए चलायी जा रही कल्याणकारी योजना है। जिसके अंतर्गत प्रदेश के 60 वर्ष से अधिक आयु के साधु लाभान्वित हो सकते है।

साधु पेंशन योजना के अंतर्गत कितने रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है?

इस योजना के अंतर्गत विभाग द्वार पहले 400 रुपये माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी। जिसे अब 100 रुपये और बड़ा दिया गया है यानि अब विभाग द्वारा हर महीने इस योजना के अंतर्गत 500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जाती है।

साधु पेंशन योजना योजना के अंतर्गत लाभान्वित होने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु क्या की गयी है?

इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित होने के लिए विभाग द्वारा साधु की न्यूनतम आयु 60 वर्ष निर्धारित की गयी है यानि इस योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए आयु 60 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए।

क्या साधु पेंशन योजना के तहत केवल उत्तर प्रदेश के संत महात्माओं को ही लाभ प्रदान किया जायेगा?

जी हाँ! इस योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के साधुओं को प्रदान किया जायेगा।

ये योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कब शुरू की गयी थी?

इस योजना को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 20 जनवरी 2019 को को शुरू किया गया था और तब से अब तक ये पूरे प्रदेश में सफकतापूर्वक चलायी जा रही है।

उपयुक्त लेख में आप को भारत के महत्ववपूर्ण और विकासशील राज्य यूपी में तत्कालीन सरकार द्वारा चलाई गयी UP Sadhu Pension Yojana 2025 की सम्पूर्ण जान कारी साझा की गयी है | जिसका लाभ हर जररूत मंद साधु समाज का व्यक्ति उठा सकता है | इस योजना से जुड़ा अगर आपके पास कोई सवाल है | तो कृपया कमेंट कर के हमसे पूछ सकते हैं | हम जल्द से जल्द सभी आपके सवालों के जवाब देंगे | साथ ही अगर आप को यह सम्पूर्ण जानकारी पसंद आई है | तो इसे अपने दोस्तों, संबंधियों से जरूर शेयर कर के इस योजना से अवगत करवाएं || धन्यवाद ||

शिवा
शिवा
हिंदी मेरी मूल भाषा है और हिंदी लेखन में काफी रूचि है। लेखन कार्य से काफी लम्बे समय से जुड़े हैं। बच्चों क लिए कहानी लिखना ज्यादा पसंद है और काफी कहानी कई पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं।
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